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दोस्तो जैसा की आप सब जानते हो कि में कीह मठ के बारे में आप सब को बताने जा रही हूं तो दोस्तो अगर आप कीह मठ के बारे में बारीकी से जानकारी  चाहते हो तो आप मेरे ब्लॉग को पूरा पड़े जिसमें मैने कीह मठ के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने की कोशश की है  जैसा कि आप इस अद्भुत मठ के अंदर कदम रखते हैं, आप इसकी खूबसूरत दीवारों को देखेंगे जो चीनी संस्कृति से प्रभावित 14 वीं शताब्दी की मठ वास्तुकला से युक्त भित्ति चित्रों और चित्रों से आच्छादित हैं। यह अपनी दुर्लभ पांडुलिपियों, अद्वितीय पवन उपकरणों, बुद्ध की मूर्तियों और हमलावरों को बचाने और मठ की रक्षा करने के लिए हथियारों का एक अद्भुत संग्रह के लिए भी लोकप्रिय है।  कीह मठ लाहौल जिले में एक बेहद प्रसिद्ध मठ है  यह मठ  एक खूबसूरत पहाड़ी पर स्थित है समन्दर तल से कीह मठ की ऊंचाई 4,166 मीटर यानी (13504 फीट) है ओर इस मठ को एक हज़ार साल पुराना बताया जाता हैं स्पीति घाटी का यह सबसे पुराना, जटिल ओर  बड़ा मठ हैं  इस मठ की स्थापना 13वीं  शताब्दी में हुई थी।  कीह का अर्थ होता है ( चाबी ) ओर ( मठ ) आश्रम ।          मठ का  इतिहास  कीह  मठ की स्थापना 11 वीं शता

Lingad


 लिंगुड़

पहाड़ों में सर्दी  के बाद उगने वाली प्राकृतिक सब्जी लुंगड़ू या लिंगड़ वास्तव में बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है. अंग्रेजी में इसे Fiddlehead Fern के नाम से जाना जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम Diplazium Espculentum है. यह भी पहाड़ों में मिलने वाली एक सब्जी है। इसका हम उत्पादन नहीं करते है यह दो प्रकार के होते हैं  एक  लिंगुड्डी  और एक लिंगड़   इस सब्जी की पहचान पहाड़ के लोगो को ही होती हैं   लिंगढ़  जलवायु वाले क्षेत्र में समुन्द्र तल से 18000 से लेकर 3000 मीटर की ऊँचाई तक पाया जाता है हिमाचल में बरसात से पहले इसका  का सीजन होता है लिंगड़ में अनगिनत पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं.



यह प्रकृतिक सब्जी होती है इसमें किसी भी तरह की रासायनिक दवाइओ की स्प्रे का पयोग नहीं करते है। आमतौर पर ऊपरी हिमाचल और उत्तराखंड में लिंग्डु कहा जाता है। एक बहुत ही हेल्दी और स्वादिष्ट सब्जी है  
और  दुनिया की सबसे स्वादिष्ट सब्जी भी  है

   लिंगुड़  की  उत्पति

    लिंगोड को भी कुदरत कि देन माना गया है यह भी एक प्राकृतिक  देन है जिसका प्रयोग हम सब्जी के रूप में करते हैं पर इसका पोधा हम ज़मीन में लगा कर नहीं कर सकते यह हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में  पाई जाती है इस सब्जी का उत्पादन पानी के आस - पास वाली जगह पे होता है  
 
    जानिए कितने प्रकार का होता है लिंग्गुड
     लिंग्गुड़ दो प्रकार का होता है। जिसका प्रमुख 
 नाम लिंगगुड ओर लिंगडी होता है लिंगड़ी  का हम सेवन नहीं कर सकते क्योंकि उसमे   जहरीले पदार्थ होते है। इस से इंसान की जान भी जा  सकती है।  इस की पहचान जहां ये उगता है  वहां के स्थानियो लोगो को ही होती है।      

 लिगुड़ के औषधीय गुण

    लिंगड़ में अनगिनत पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. यह मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी के लिए लाभदायक होता है इसमें फैट(वसा) बिल्कुल नहीं होता और ना ही कोलेस्ट्रॉल होता है इस सब्जी में   ,कैल्शियम,नाइट्रोजन,फास्फोरस, पोटाशियम  आयरन और जिंक होता है जिससे यह कुपोषण से निपटने के लिए भी इसे अच्छा प्राकृतिक स्त्रोत माना गया है.
 

लिंगुड़ की सब्ज़ी 

 लिंगुड़ की सब्जी बाकि  सब्जियों की तरह आसानी से बनाई जा सकती है। लिंगुड़ के ऊपर बाल से होते है। जो की सब्जी बनाने से  पहले साफ करने पड़ते है। ~

 सामग्री:  - 

  थोड़ा सा तेल,बारीक़ कटा हुआ प्याज़ , 1 चम्मच पिसा हुआ लस्सन ,लाल मिर्च ,कश्मीरी मिर्च , हरी मिर्च ,1 छोटा चमच जीरा ,1 छोटा चम्मच मैथी , 1 छोटा चम्मच हल्दी ,1 छोटा चम्मच सूखा धनिया ,नमक स्वाद अनुसार, थोड़ा सा हींग 

  

 बनाने की विधि: 

  • लिंगुड को अच्छे  कपड़े से  साफ कर लें। ओर उसे धो ले
  • कड़ाई  में तेल डालकर 1-2 मिनट के लिए धीमी आंच पर गर्म करें। 
  •  जीरा, सूखी मिर्च, हिंग, धनिया के बीज, डालें। 1 मिनट के लिए गरम करें। लहसुन डाले  और लहसुन सुनहरा भूरा होने तक गर्म करें। 
  •  प्याज डालें और सुनहरा भूरा होने तक पकाएं। 
  •  लिंगड फिर नमक, हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालें, अच्छी तरह मिलाएँ। 
  •  धीमी आंच पर 15 मिनट तक पकाएं। लगभग 1 मिनट के अंतराल में हिलाते हुए।

रोटी  या सादे पराठे को भेंगुल की चटनी और अचार के साथ परोसें। नींबू की कुछ बूंदों को जोड़ना न भूलें

यह सब्जी उच्च फाइबर में समृद्ध है। एक एंटीऑक्सिडेंट, यह फर्न ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड भी प्रदान करता है।



  जिन जगहों पर लिंगुड़ पाया जाता है वहाँ के ग्रामीण इसे बचते भी है। यह उन्हें भी सबरोजग़ार उपलब्ध करवाता है    आमतौर पर ग्रमीण इसे सड़क के किनारे बैठ कर बेचते है। यह हिमाचल में शिमला,रामपुर,चम्बा,और उप्पर हिमाचल  में पाई  जाती है  और उत्तराखंड में कमायु  और कुछ जिलों में पायी जाती है साथ में यह नेपाल में भी होती है 




लीगुड़ का आचार 

 लीगुड का  नाम  बेहुद स्वादिष्ट होता है।  लिंगड यदि हरा हो तो उसको अच्छे से साफ कर ले फिर उन्हें छोटे- छोटे टुकड़ों में काट ले। फिर उसे 15 मिनट तक  गर्म पानी में उबालें और उसके बाद अच्छे से सूखा ले 

 समाग्री- 

  1kg लिगड़ के लिए 2बड़े चमच राई,2 छोटे चमच नमक, हल्दी 2 छोटे चमच, मिर्च 2 छोटा चमच, एक छोटा कटोरी तेल,सब   और अब कड़ाई में तेल गरम कर लें ध्यान रहे  तेल सरसों का ही हो, तेल में नमक मिर्च हल्दी डाल दे ओर अच्छे से मिला लें ओर फिर लींगड डाल दें और उसे थोड़ी देर उसे पकने दे।फिर उसे ठंडा होने के लिए रख दे फिर  राई  को लींगड़ में अच्छे से मिला दे आप उसे अच्छे से डब्बे में रखे 15 दिन तक धूप  में रखने के बाद आप इसका उपयोग कर  सकते है।
   








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